सांचौर के बारे में


  सांचोर राजस्थान राज्य का एक एतिहसिक कस्बा है। यह कस्बा प्राचीनकाल मे 'सत्यपुर' के नाम से जाना जाता था।
जो जालौर ज़िले में स्थित है। प्राचीन काल में यह क़स्बा 'सत्यपुर' के नाम से विख्यात था। इसका जैन ग्रंथ ‘विविधतीर्थ कल्प’ में जैनतीर्थ के रूप में वर्णन है।
  • सांचौर में स्थित भगवान श्री विश्वकर्मा जी  का पवित्र मंदिर है।
  • सांचौर की  समुद्र तल से उचाई 54 किलोमीटर है।
  • नर्मदा मुख्य नहर सांचौर से होकर गुजरती है।
  • 2011 के अनुसार सांचौर की जनसंख्या 32,875 थी।
  • जैन तीर्थंकर महावीर का एक प्राचीन मन्दिर यहां स्थित है। प्राचीन काल में सत्यपुर जैनों का महत्वपूर्ण स्थान था।
  • 'विविधतीर्थ कल्प' के अनुसार यहां 24वें तीर्थंकर महावीर का एक मंदिर था, जिसे किसी मुसलमान सुल्तान ने गुजरात पर आक्रमण के समय तोड़ना चाहा था।
  • मालवा के राजा ने भी सत्यपुर पर आक्रमण किया था, किंतु उसकी सेना को 'ब्रह्मशांति' नामक यक्ष ने परास्त कर दिया था और इस प्रकार सत्यपुर की रक्षा हुई थी।
  • जैन स्तोत्र 'तीर्थमालाचैत्यवंदन' में भी इस नगर का उल्लेख है।
  • प्राचीन सत्यपुर ही वर्तमान सांचोर है। प्राकृत ग्रंथों में इसे 'सच्चैर' कहा गया है-
  • महावीर स्वामी के शिष्य द्वारा रचित 'जगचिंतामणि चैत्यवंदन' में भी इसका नामोल्लेख है।
  • भारत का राष्ट्रीय राजमार्ग-68 इस कस्बे से होकर गुजरता है। सभी ब्लॉक मुख्यालय बस सेवा द्वारा जुड़े हुए हैं।
    'वंदे सत्यपुरे च बाहडपुरे राडद्रहे बायडे'